भावार्थ
आजादी के मायने,
नीले आसमान में
ये उडते हुए परिंदे
नहीं बता पाएंगे।
उनका जो दर्द
पिंजरे में कैद
पंछी जान पाएंगे।
सुभाष ने भी ऎसी ही,
पीड़ा को सहा था।
और तभी उसने
"तुम मुझे खून दो
मै तुम्हे आजादी दूंगा "
यह बात कहा था। ………
....... अपराजिता
आजादी के मायने,
नीले आसमान में
ये उडते हुए परिंदे
नहीं बता पाएंगे।
उनका जो दर्द
पिंजरे में कैद
पंछी जान पाएंगे।
सुभाष ने भी ऎसी ही,
पीड़ा को सहा था।
और तभी उसने
"तुम मुझे खून दो
मै तुम्हे आजादी दूंगा "
यह बात कहा था। ………
....... अपराजिता
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